ज़िन्दगी का दरिया

Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: इसको, जिसको

Radeef: है


ज़िन्दगी एक बहता दरिया, थमना नहीं इसको है।
हर लहर में छिपा है राज़, समझना नहीं जिसको है।
आज है कल नहीं होगा, ये फ़लसफ़ा गहरा है।
जो जिया हर पल को, वही कामयाब जिसको है।



Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: छुपी, सजी, लड़ती

Radeef: होती है


रातों की स्याही में भी, एक किरण छुपी होती है।
हर आँसू के पीछे भी, एक हँसी सजी होती है।
मत हारना ऐ दिल कभी, ये इम्तेहान है तेरा।
ज़िन्दगी तो हर पल एक नई जंग लड़ती होती है।



Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: मुस्कुराते, लुटाते, निभाते

Radeef: जाओ


ज़िन्दगी को समझना है तो, बस मुस्कुराते जाओ।
हर गम को अपनाकर, खुशियाँ लुटाते जाओ।
ये दुनिया इक मेला है, कोई अपना नहीं यहाँ।
जो मिला है तुम्हें, उसे प्यार से निभाते जाओ।