ज़िन्दगी का सफ़र
Shayari By Furkan S Khan
Kaafiya: दिखानी, ज़िन्दगानी
Radeef: है
ये ज़िन्दगी भी क्या अजीब कहानी है,
हर पल एक नई राह दिखानी है।
कभी हँसी है इसमें, कभी अश्कों की रवानी,
बस इसी का नाम तो ज़िन्दगानी है।
हर पल एक नई राह दिखानी है।
कभी हँसी है इसमें, कभी अश्कों की रवानी,
बस इसी का नाम तो ज़िन्दगानी है।
Shayari By Furkan S Khan
Kaafiya: बहती, कहती, सहती
Radeef: है ज़िन्दगी
वक़्त की लहरों में बहती है ज़िन्दगी,
हर पल कुछ नया कहती है ज़िन्दगी।
कभी ख़ामोशी में गहरे राज़ छुपाती है,
तो कभी शोर में भी सहती है ज़िन्दगी।
हर पल कुछ नया कहती है ज़िन्दगी।
कभी ख़ामोशी में गहरे राज़ छुपाती है,
तो कभी शोर में भी सहती है ज़िन्दगी।
Shayari By Furkan S Khan
Kaafiya: पहेली, कहानी, रवानी
Radeef: है
ये ज़िन्दगी भी क्या खूब पहेली है,
हर मोड़ पर एक नई कहानी है।
कभी हँसी है, कभी आँसुओं की धारा,
बस यही तो इसकी रवानी है।
हर मोड़ पर एक नई कहानी है।
कभी हँसी है, कभी आँसुओं की धारा,
बस यही तो इसकी रवानी है।