ज़िंदगी का सफर

Ghazal By Furkan S Khan

Kaafiya: खुशी, हँसी

Radeef: है


हर पल एक नया रंग, जिंदगी यही तो है,
कभी धूप, कभी छाँव, जिंदगी यही तो है।
गिरकर संभलना, फिर से चलना, उम्मीदों का दामन,
हर ठोकर में एक सबक, जिंदगी यही तो है।
मिलना बिछड़ना, रंज-ओ-गम, खुशियों का संगम,
इन सब का एक साथ, जिंदगी यही तो है।
ख्वाबों का ताना-बाना, हकीकत की राहें,
हर लम्हा एक पहेली, जिंदगी यही तो है।



Ghazal By Furkan S Khan

Kaafiya: गीत, प्रीत

Radeef: है


साँसों की सरगम में, एक अनजाना सा गीत,
हर धड़कन में बजता, एक मीठी सी प्रीत।
कभी हँसी के पल, कभी अश्कों की धार,
हर मौसम का अपना, एक अलग ही रंग है।
रिश्तों की डोर से, बंधा ये संसार,
हर पल की कहानी, एक नया ही रंग है।
चलते रहना है बस, मंज़िल की तलाश में,
हर राह पर मिलता, एक नया ही रंग है।