इंद्रभूति नाम का शाब्दिक अर्थ 'इंद्र के समान वैभव वाला' या 'इंद्र द्वारा पूजित' है। यह नाम जैन धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान रखता है, क्योंकि यह भगवान महावीर के प्रमुख शिष्य, गौतम गणधर का मूल नाम था। इंद्रभूति गौतम एक ब्राह्मण थे जिन्होंने भगवान महावीर के उपदेशों को सुनकर दीक्षा ली और उनके प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण गणधर बने। उन्होंने जैन आगमों की रचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने ज्ञान तथा वैराग्य के लिए जाने जाते हैं। यह नाम जैन परंपरा में ज्ञान, वैराग्य और आध्यात्मिक नेतृत्व का प्रतीक है।

अंक ज्योतिष के अनुसार, इंद्रभूति नाम का मूलांक 9 है। अंक 9 वाले व्यक्ति अक्सर मानवीय, दयालु और निस्वार्थ स्वभाव के होते हैं। वे दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं और उनमें सार्वभौमिक प्रेम की भावना प्रबल होती है। इस नाम के व्यक्ति में नेतृत्व क्षमता, ज्ञान और आध्यात्मिक झुकाव देखा जा सकता है। वे न्यायप्रिय होते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की इच्छा रखते हैं। यह नाम धारण करने वाले व्यक्ति में गौतम गणधर के समान ही गहन आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि और त्याग की भावना विकसित होने की संभावना होती है।