जिनेन्द्र शब्द दो शब्दों 'जिन' और 'इन्द्र' से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है वह व्यक्ति जिसने अपनी पांचों इन्द्रियों और कषायों पर पूर्ण विजय प्राप्त कर ली हो। जैन धर्म में यह नाम तीर्थंकरों के लिए प्रयुक्त होता है और यह आत्म-संयम, अहिंसा और आध्यात्मिक सर्वोच्चता का प्रतीक माना जाता है।
यह नाम धारण करने वाले व्यक्ति स्वभाव से अत्यंत शांत, विचारशील और नेतृत्व करने की क्षमता रखने वाले होते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार, यह नाम जातक को तार्किक शक्ति और जीवन में सही मार्ग चुनने की अद्भुत क्षमता प्रदान करता है, जिससे वे समाज में एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में उभरते हैं।