संपूर्ण समाधान दिवस में उठी आवाज

संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत बैराकाजी के कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया। इस दौरान ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर जिलाधिकारी से इस मुद्दे पर गुहार लगाई। ग्रामीणों ने बताया कि कब्रिस्तान की कई बीघे जमीन पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है और पक्के निर्माण करा लिए हैं।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में बताया कि यह भूमि वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आती है, लेकिन दबंगों ने बिना किसी अनुमति के यहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया। न केवल भूमि पर कब्जा किया गया है, बल्कि वहां लगे पुराने पेड़ों को भी काटकर बेच दिया गया है। इस संबंध में कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला वक्फ बोर्ड की भूमि से जुड़ा है, जहां गाटा संख्या 541 श्रेणी 6 के अंतर्गत जमीन थी। वर्ष 1997 में राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से इसे श्रेणी 1 में दर्ज कर दिया गया।

अवैध कब्जे और पेड़ कटाई की शिकायत

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में लिखा कि बिना वक्फ बोर्ड की अनुमति के लाखों रुपये की कब्रिस्तान भूमि पर लगे पेड़ों को काटकर बेच दिया गया। इसके अलावा, कई कब्रों को तोड़ा गया और उनकी जगह अवैध निर्माण कर लिया गया।

मुख्य आरोप:

  • वक्फ बोर्ड की भूमि पर अवैध कब्जा
  • कब्रिस्तान की जमीन पर पेड़ काटकर बेचे गए
  • 1997 में श्रेणी परिवर्तन के दौरान हेराफेरी
  • भू माफिया द्वारा कब्रिस्तान भूमि पर पक्का निर्माण

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वर्तमान राजस्व कर्मियों द्वारा मौके की जांच किए बिना ही शिकायतों का निस्तारण कर दिया जाता है। रिपोर्टों में सिर्फ यह लिखा जाता है कि शिकायतों का समाधान कर दिया गया

डीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की बात सुनकर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच तहसील के किसी अन्य अधिकारी द्वारा कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अगले कदम:

  1. तत्काल भूमि की पैमाइश करवाई जाएगी।
  2. वक्फ बोर्ड की भूमि का रिकॉर्ड पुनः सत्यापित किया जाएगा।
  3. अवैध कब्जे करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

यह मामला न केवल कब्रिस्तान की भूमि से जुड़ा है, बल्कि ग्रामीणों की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा का भी मुद्दा है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं करेगा।