Key Highlights

  • मध्य प्रदेश में राज्यसभा की सीटों के लिए मुकाबला कड़ा।
  • कांग्रेस को अपनी एक सीट बचाने के लिए कम से कम 5 अतिरिक्त वोटों की दरकार।
  • सत्ताधारी बीजेपी भी अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है और इस बार का गणित कांग्रेस के लिए बेहद जटिल नजर आ रहा है। अपनी एक सीट सुनिश्चित करने के लिए पार्टी को वर्तमान विधानसभा की संख्या बल के हिसाब से कम से कम 5 अतिरिक्त वोटों का इंतजाम करना होगा, जो सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रणनीति के सामने एक बड़ी चुनौती बन गया है।

प्रदेश की विधानसभा में विधायकों की मौजूदा संख्या के अनुसार, प्रत्येक राज्यसभा सीट जीतने के लिए एक निश्चित कोटा निर्धारित होता है। इस कोटे को पूरा करने के लिए दोनों प्रमुख दल, कांग्रेस और भाजपा, अपनी-अपनी बिसात बिछा चुके हैं। भाजपा जहां अपने सभी संभावित उम्मीदवारों को जिताने की फिराक में है, वहीं कांग्रेस अपनी एक सीट को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही है।

कांग्रेस के लिए यह पांच वोटों का अंतर बेहद निर्णायक साबित हो सकता है। यह अंतर उन निर्दलीय विधायकों, बसपा और सपा के सदस्यों के समर्थन पर निर्भर करेगा, जिनका रुझान किसी भी समय बदल सकता है। राजनीतिक विश्लेषक इस पूरे घटनाक्रम का गहन वर्णन कर रहे हैं, क्योंकि यह मध्य प्रदेश की भावी राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

राज्य में पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक अस्थिरता का दौर देखा गया है, जिसने हर चुनाव को और भी दिलचस्प बना दिया है। इस बार भी राज्यसभा चुनाव में 'हॉर्स ट्रेडिंग' और क्रॉस-वोटिंग की आशंकाएं जोर पकड़ रही हैं। दोनों ही दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी प्रकार की टूट को रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।

भाजपा ने अपनी संख्या बल के आधार पर एक से अधिक सीटें जीतने की योजना बनाई है, जबकि कांग्रेस के लिए अपनी एक मात्र सीट को सुरक्षित रखना भी कठिन चुनौती है। हर पार्टी चुनावी रण में अपने चुने हुए उम्मीदवार को जिताने की कोशिश में है और इसके लिए पर्दे के पीछे लगातार बातचीत और समन्वय का दौर जारी है।

इन पांच वोटों का खेल ही मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का सबसे अहम पहलू है। यह तय करेगा कि कांग्रेस अपनी साख बचा पाती है या नहीं, और भाजपा राज्य में अपनी पकड़ कितनी और मजबूत कर पाती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा दल इस राजनीतिक गणित में बाजी मारता है। नवीनतम अपडेट्स के लिए Vews.in से जुड़े रहें।