इस ग़ज़ल में शायर ने अपने महबूब को ही अपना सब कुछ माना है। 'सवेरा' यहाँ उम्मीद और नई शुरुआत का प्रतीक है। 'अँधेरा' मुश्किलों और दुखों को दर्शाता है। 'बसेरा' का अर्थ है निवास स्थान। 'घेरा' सुरक्षा और आलिंगन को इंगित करता है। 'डेरा' यहाँ जीवन के आधार या ठिकाने के रूप में प्रयुक्त हुआ है। 'चेहरा' इश्क़ के वास्तविक स्वरूप को दर्शाता है।
यह ग़ज़ल इश्क़ की दीवानगी और महबूब के प्रति पूर्ण समर्पण को दर्शाती है। 'सागर में खो दिया' का अर्थ है पूरी तरह से लीन हो जाना। 'पिरो दिया' का अर्थ है गूँथना या जोड़ना। 'बावरा' का अर्थ है पागल या दीवाना। 'जाम पिया' मोहब्बत के नशे में डूबना दर्शाता है। 'फ़ना किया' का अर्थ है खुद को मिटा देना या पूरी तरह समर्पित कर देना।
इस ग़ज़ल में शायर ने मोहब्बत के गहरे अहसासों और महबूब की अहमियत को बयाँ किया है। 'पता' यहाँ महबूब की उपस्थिति और प्रभाव को दर्शाता है। 'वफ़ा' का अर्थ है निष्ठा या ईमानदारी। 'सदा' का अर्थ है आवाज़ या पुकार। 'फ़ज़ा' का अर्थ है वातावरण। 'जफ़ा' का अर्थ है बेवफ़ाई या अत्याचार। 'खता' का अर्थ है गलती। 'दुआ' का अर्थ है प्रार्थना।