इश्क़ का रंग
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: हसीन, नवीन, ज़ीन, उमंग, संग, तरंग, ढंग | Radeef: है
यह इश्क़ का रंग कितना हसीन है,
हर दिल में जगाता एक नवीन है।
कभी फूलों सा कोमल, कभी आग सा तेज़,
यह ज़िंदगी का अनमोल ज़ीन है।
इसी से जुड़ी हर साँस, हर उमंग है,
यह रूह का सबसे प्यारा संग है।
हर नज़र में बसी एक अनूठी तरंग है,
यह प्रेम का अद्भुत, निराला ढंग है।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: रौशनी, ज़िंदगी, कमी, बसी, हँसी, छाई, ज़मीं
जब दिल में जागे चाहत की रौशनी,
हर सू बिखर जाए इक नई ज़िंदगी।
न कोई शिकवा, न कोई ग़म रहे बाकी,
बस प्यार की बारिश हो, न कोई कमी।
यह ऐसी हक़ीक़त है, जो हर दिल में बसी,
जहाँ मिलन की राहें हैं, हर सुबह हँसी।
यह इश्क़ की दुनिया है, जो सब पर है छाई,
न कोई दीवार, न कोई ज़मीं।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: सुहाना, फ़साना, तराना, नज़र, डगर, असर | Radeef: है
यह मोहब्बत का सफ़र कितना सुहाना है,
हर मोड़ पर एक नया फ़साना है।
कभी हँसी, कभी आँसू, कभी मीठी बातें,
यह दिल से दिल का गहरा तराना है।
हर निगाह में छुपी एक प्यारी नज़र है,
हर क़दम पर बसी एक नई डगर है।
यह इश्क़ का जादू है, जिसका गहरा असर है,
यह रूह का अपनी रूह से मिलना है।