बशर - मनुष्य, असर - प्रभाव/परिणाम नाजुक - कोमल, खामोशी - चुप्पी, भोर - सवेरा
हम और ज़िंदगी जीवन का सफ़र: Furkan S Khan की खूबसूरत क़िस्सा Zainab 2 hours ago जीवन के अनमोल सफ़र पर Furkan S Khan द्वारा लिखी गई एक दिल छू लेने वाली क़िस्सा। खुशियों और गमों के संगम को दर्शाती यह कविता। बशर - मनुष्य, असर - प्रभाव/परिणाम नाजुक - कोमल, खामोशी - चुप्पी, भोर - सवेरा View Full Story & Comments Related Posts दर्द की राह: फ़ुर्क़ान एस खान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल ज़िंदगी पर ख़ूबसूरत ग़ज़ल: Furkan S Khan की कलम से दर्द-ए-दिल: फ़ुरक़ान एस ख़ान की उदासी भरी ग़ज़ल प्रेरणादायक ग़ज़ल: उठो, चलो! - जीवन में आगे बढ़ने का सं