इस क़िता में जीवन को बहती धारा से तुलना की गई है, जो हर पल कुछ नया सिखाती है और सुख-दुख के रंगों को बदलती हुई, हर साँस में जीवन का नया अर्थ समझाती है।

यह क़िता वक़्त की अनूठी प्रकृति को बयान करती है, जो हर पल बदलता है और कभी वापस नहीं आता। यह हमें बीते हुए को छोड़कर आने वाले कल की नई संभावनाओं की ओर देखने का संदेश देती है।

इस क़िता में उम्मीद को एक ऐसे दिए के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो जीवन के अंधेरे में भी रास्ता दिखाता है। यह संदेश देती है कि जीवन में गिरकर संभलना ही असली नियम है और हर नई सुबह एक नई आशा लेकर आती है।