मोहब्बत का सफ़र
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: ठहरता, उभरता, तड़पता, सिखाता | Radeef: है
मोहब्बत एक अहसास है, जो दिल में ठहरता है,
हर साँस में इकरार है, जो चुपके से उभरता है।
ये रूह की प्यास है, जो हर पल तड़पता है,
हाँ, यही तो इश्क़ है, जो जीना सिखाता है।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: बोलता, खोलता, घोलता, डोलता | Radeef: है
ये इश्क़ का जादू है, जो सर चढ़कर बोलता है,
हर बंद दरवाज़ा, ये पल भर में खोलता है।
कभी दर्द बनता है, कभी अमृत घोलता है,
दिल की हर धड़कन में, बस तू ही डोलता है।