नित नूतन प्रयास
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: तलाश, विश्वास | Radeef: कर
अंधेरों से न घबराना, उजालों की तलाश कर,
हर मुश्किल में हिम्मत रख, हर पल में तू विश्वास कर।
वक्त की लहरों पे सवार हो, तूफ़ानों से न डर कभी,
जो तेरा है, वो मिल जाएगा, बस खुद पर तू विश्वास कर।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: बढ़ाए जा, पुकारे जा | Radeef: तू
राहें चाहे कितनी भी हों कठिन, कदम बढ़ाए जा तू,
गिरकर संभलना सीख ले, कभी न रुकना तू।
मंज़िल तेरी दूर नहीं, बस हौसला बनाए रख,
अपनी हर सांस में तू बस, लक्ष्य को पुकारे जा तू।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: आगाज़, विश्वास, साकार | Radeef: कर
जो बीत गया, उसे भूल जा, नई सुबह का आगाज़ कर,
हर मुश्किल को पार कर, खुद पे तू विश्वास कर।
ये वक्त भी बदल जाएगा, बस धीरज से काम ले,
तेरी मेहनत रंग लाएगी, हर ख्वाब को साकार कर।