सफ़र-ए-ज़िंदगी

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: आसान, पहचान, मान  |  Radeef: नहीं
ज़िंदगी एक सफ़र है, कभी आसान नहीं, हर मोड़ पर मिलती, कोई पहचान नई। गिरकर संभलना सीखो, यही इसका फ़लसफ़ा, मंज़िल मिले या न मिले, पर हार मान नहीं।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: बहती, कहती, रहती  |  Radeef: है ज़िंदगी
वक़्त की लहरों पे बहती है ज़िंदगी, कभी खुशी, कभी गम, यही कहती है ज़िंदगी। जो गुज़रा वो याद बन जाए, जो बाकी है वो एक ख्वाब, हर पल नया सबक सिखाती रहती है ज़िंदगी।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: राज़, अंदाज़, साज़  |  Radeef: है
दिल के आईने में झाँको, क्या गहरा राज़ है, हर साँस में छुपा कोई अनमोल अंदाज़ है। कभी हँसाती, कभी रुलाती, ये ज़िंदगी का खेल, हर लम्हे में एक नया अनुभव, एक नया साज़ है।