मंज़र: दृश्य, नज़ारा। समंदर: सागर, विशालता। बेअसर: जिसका कोई प्रभाव न हो। सफ़र: यात्रा। बेखबर: अनजान, जिसे खबर न हो। राज़: रहस्य।

कारवाँ-ए-हयात: जीवन का काफिला। ज़ख्म: घाव। खिले: प्रसन्न हो, विकसित हो। गिले: शिकायतें, शिकवे। मुसाफ़िर: यात्री। फ़ुर्क़त: जुदाई, विरह। महफ़िल: सभा, जमावड़ा। टले: दूर हो, हटे।

बेखुदी: आत्म-विस्मृति, अपनी धुन में। सफ़र: यात्रा। असर: प्रभाव। हुनर: कला, कौशल। बेफिक्र: चिंतामुक्त। पैग़ाम: संदेश। बशर: मनुष्य, मानव जीवन।