जीवन का सफ़र
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: राहे, छाहे | Radeef: जाए
जीवन एक नदी सी बहती जाए,
कभी धूप तो कभी छाए।
अनगिनत मंज़िलें राह दिखाए,
जो चाहे वो मिल जाए।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: खुशी, हँसी | Radeef: बनी
ज़िन्दगी हर पल एक कहानी बनी,
कभी आँसू, कभी खुशी।
हर लम्हा है एक नई हँसी,
बस जीने की चाहत बनी।