पुरी का पुराना वीडियो 'आरक्षण विरोधी आंदोलन' बताकर वायरल: जानिए सच्चाई

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भारी भीड़ दिखाई दे रही है और इसे 'आरक्षण विरोधी आंदोलन' का नाम देकर शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आरक्षण विरोधी प्रदर्शन का है। लेकिन, जब इस वायरल दावे की पड़ताल की गई तो सच्चाई कुछ और ही सामने आई।

विभिन्न फैक्ट-चेकिंग वेबसाइटों द्वारा की गई जांच के अनुसार, यह वीडियो असल में ओडिशा के पुरी में हर साल होने वाली प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा का है। वीडियो में दिख रही भीड़ और माहौल किसी विरोध प्रदर्शन का नहीं, बल्कि एक धार्मिक उत्सव का है। यह वीडियो काफी पुराना है और इसे जानबूझकर गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सके।

जंतर-मंतर के दावों की पड़ताल

वायरल हो रहे वीडियो को जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी आंदोलन से जोड़ने का दावा सरासर गलत पाया गया है। असलियत यह है कि यह जगन्नाथ पुरी की ऐतिहासिक रथ यात्रा का हिस्सा है, जो लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संपन्न होती है। इस तरह की तस्वीरें और वीडियो धार्मिक आयोजनों के दौरान आम हैं, लेकिन इन्हें दुष्प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

यह पहली बार नहीं है जब किसी पुराने वीडियो को किसी खास एजेंडे के तहत वायरल किया जा रहा हो। अक्सर धार्मिक या सामाजिक तनाव को भड़काने के उद्देश्य से ऐसी भ्रामक खबरें फैलाई जाती हैं। ऐसे में, किसी भी वीडियो या खबर पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद आवश्यक है।

इस मामले में, वायरल वीडियो का आरक्षण विरोधी आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। यह जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा का एक पुराना फुटेज है, जिसे गलत जानकारी के साथ शेयर किया जा रहा है। नागरिकों से आग्रह है कि वे सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली हर जानकारी को सत्यापित करें और अफवाहों को फैलने से रोकें।

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