उदासी की चादर

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: उदास, रास, आस  |  Radeef: है
न जाने क्यूँ ये दिल आज उदास है, हर खुशी से जैसे कट गया रास है। आँखों में नमी, होंठों पर खामोशी, लगता है जैसे खो गई कोई आस है।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: होते, जाते  |  Radeef: हैं
कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो बयाँ नहीं होते, आँखों में नमी बन के वो छुप जाते हैं। कितनी भी कोशिश कर लो हँसने की, अंदर से टूट कर हम बिखर जाते हैं।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: गुजर, सफर  |  Radeef: है
ये रात भी तन्हा, ये दिन भी तन्हा गुजर रहा है, हर पल जैसे कोई बोझ दिल पर ठहर रहा है। रोशनी की तलाश में भटकते रहे उम्र भर, अब तो अँधेरे से ही अपना दिल बहल रहा है।