मुख्य बातें

  • दिल्ली एयरपोर्ट पर दुबई से लौटे यात्री के पास से 82 ग्राम सोना मिला।
  • तस्कर ने सोने को पेस्ट बनाकर मुंह में छिपाया था।
  • कस्टम विभाग ने यात्री को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।

दुबई से लौटे यात्री के पेट में नहीं, मुंह में मिला सोना: कस्टम विभाग के होश उड़े

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग को एक ऐसी तस्करी की कोशिश का पता चला, जिसने अधिकारियों को हैरान कर दिया। दुबई से लौटे एक यात्री को सोने की तस्करी के आरोप में पकड़ा गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि सोने को किसी बैग या सूटकेस में छिपाने की बजाय, यात्री ने उसे अपने मुंह में बड़ी चालाकी से छुपा रखा था।

'मुंह में सोना' तस्करी का नया तरीका, 82 ग्राम सोना बरामद

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर कस्टम अधिकारियों ने उसे रोका और गहन जांच की। तलाशी के दौरान, अधिकारियों को यात्री के मुंह में कुछ संदिग्ध वस्तु महसूस हुई। जब उसे जांच के लिए लाया गया, तो पता चला कि उसने सोने को पेस्ट या पाउडर जैसे रूप में परिवर्तित कर अपने मुंह में छुपाया हुआ था। कुल 82 ग्राम सोना बरामद हुआ, जिसका बाज़ार मूल्य लाखों रुपये बताया जा रहा है।

💡 क्या आप जानते हैं? सोने को तस्करी के लिए विभिन्न तरीकों से बदला जाता है, जिसमें उसे पेस्ट, पाउडर या तरल रूप में बदलना शामिल है ताकि उसे शरीर के अंदर या विभिन्न वस्तुओं में आसानी से छिपाया जा सके।

यह घटना हवाई अड्डों पर सोने की तस्करी के बदलते तरीकों को उजागर करती है। तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं ताकि वे कस्टम अधिकारियों की पैनी नजरों से बच सकें। इस मामले में, सोने को सीधे शरीर के अंदर निगलने की बजाय, मुंह में छुपाना एक अलग किस्म की हिम्मत और चतुराई का प्रमाण देता है।

अधिकारियों की पैनी नजर और यात्री की नाकामी

यात्री की हरकतें अधिकारियों की सतर्कता का नतीजा थीं। हवाई अड्डे पर मौजूद कस्टम अधिकारी लगातार यात्रियों की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हैं। इस बार, यात्री की घबराहट या कोई अन्य संकेत अधिकारियों को सतर्क करने के लिए काफी था। सोने को मुंह में छुपाना एक जोखिम भरा तरीका है, जिसमें पकड़े जाने का खतरा बहुत अधिक होता है।

फिलहाल, यात्री को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। कस्टम विभाग यह जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या वह किसी बड़े तस्करी रैकेट का हिस्सा है या यह उसका पहला प्रयास था। इस घटना ने फिर से हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था और कस्टम अधिकारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बना दिया है।

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