Key Highlights
- बारामुला के कश्मीरी नर्स की सऊदी अरब से वापसी।
- खामेनेई से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट पर हुई थी हिरासत।
- चार महीने की लंबी कैद के बाद आखिरकार मिली रिहाई।
चार महीने की लंबी जद्दोजहद और हिरासत के बाद आखिरकार बारामुला के एक कश्मीरी नर्स की सऊदी अरब से घर वापसी हो गई है। इस शख्स को कथित तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था। परिवार में अब खुशी की लहर है।
जानकारी के मुताबिक, इस कश्मीरी नर्स को सोशल मीडिया पर एक विशिष्ट सामग्री साझा करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। सऊदी अरब के कानून सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली सामग्री को लेकर बेहद सख्त हैं। ऐसे मामलों में अक्सर कड़ी कार्रवाई देखने को मिलती है, विशेषकर जब वे धार्मिक या राजनीतिक हस्तियों से संबंधित हों।
हिरासत का कारण: एक सोशल मीडिया पोस्ट
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों और परिजनों के बयानों के अनुसार, यह घटना करीब चार महीने पहले की है। नर्स के सऊदी अरब में काम करने के दौरान उसने कथित तौर पर खामेनेई से संबंधित एक पोस्ट अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर साझा की थी, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। परिवार ने उसकी रिहाई के लिए भारतीय दूतावास और अन्य माध्यमों से लगातार प्रयास किए थे। यह मामला भारत सरकार के संज्ञान में भी लाया गया था।
सऊदी अरब में कड़ा अभियान
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सऊदी अरब में विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक बड़े अभियान की खबरें आ रही हैं। हाल ही में, कथित तौर पर विभिन्न उल्लंघनों के आरोप में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस अभियान का उद्देश्य देश के कानूनों और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, और इसमें सोशल मीडिया के नियमों का उल्लंघन भी शामिल है।
रिहाई के बाद वतन वापसी ने परिवार को बड़ी राहत दी है। बारामुला में अपने घर पहुंचने पर परिवार और दोस्तों ने उसका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मामले ने एक बार फिर विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग में अत्यधिक सावधानी बरतने के महत्व को उजागर किया है।
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