नेतान्याहू का कड़ा रुख: ईरान पर जवाबी कार्रवाई को बताया 'आसान', UN पर उठाए सवाल
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने हाल ही में ईरान पर इजराइल द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई को लेकर एक साहसिक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय 'आसान' था। नेतान्याहू ने इस बात पर भी जोर दिया कि इजराइल अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
संयुक्त राष्ट्र में 'वॉकआउट' पर तीखी आलोचना
प्रधानमंत्री नेतान्याहू ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हुई बैठक पर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने उन देशों के प्रतिनिधियों की आलोचना की जिन्होंने ईरान के मिसाइल हमलों पर चर्चा के दौरान बैठक से वॉकआउट किया। नेतान्याहू के अनुसार, इस तरह का व्यवहार अंतर्राष्ट्रीय मंच की गंभीरता को कम करता है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करता है।
'सुरक्षा सर्वोपरि', किसी भी खतरे का कड़ा जवाब
नेतान्याहू ने स्पष्ट किया कि इजराइल की सुरक्षा सर्वोपरि है। उनका कहना था कि ईरान द्वारा किए गए सीधे हमले का जवाब देना इजराइल की संप्रभुता और नागरिकों की रक्षा के लिए एक अनिवार्य कार्रवाई थी। उन्होंने इस कार्रवाई को 'आसान' इसलिए कहा क्योंकि उनका मानना था कि इजराइल को अपनी रक्षा के लिए दृढ़ रहना ही था, भले ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं कैसी भी हों।
संयुक्त राष्ट्र में हुई इस घटना ने वैश्विक कूटनीति में तनाव को और बढ़ा दिया है। इजराइल का पक्ष यह है कि वे ईरान को अपनी सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा मानते हैं और किसी भी उकसावे का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार हैं। नेतान्याहू के इस बयान ने क्षेत्र में जारी तनाव को और भी उजागर कर दिया है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है, और शांति बहाली के प्रयासों पर अनिश्चितता बनी हुई है। नवीनतम अपडेट के लिए Vews News पर बने रहें।