मुख्य बातें

  • हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया है।
  • इस हमले से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका है।
  • अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

लाल सागर में बढ़ी सैन्य हलचल

यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला किया है। इस दावे ने क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है, खासकर इज़राइल-हमास युद्ध के बीच। हूती समूह, जो यमन के बड़े हिस्सों को नियंत्रित करता है, ने कहा है कि उन्होंने टैंकरों पर सटीक बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागीं।

सऊदी अरब की प्रतिक्रिया का इंतजार

सऊदी अरब ने अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हाल के महीनों में, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में शिपिंग को बाधित करने के लिए जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। उनका कहना है कि ये हमले गाजा पट्टी में फिलिस्तीनियों के प्रति एकजुटता में किए जा रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग पर असर

लाल सागर समुद्री व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जो स्वेज नहर के माध्यम से यूरोप और एशिया को जोड़ता है। हूती हमलों के कारण कई प्रमुख शिपिंग कंपनियों ने इस क्षेत्र से गुजरने से परहेज किया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। अमेरिका और उसके सहयोगियों ने हूती हमलों की निंदा की है और क्षेत्र में नौसैनिक उपस्थिति बढ़ाकर शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।

क्षेत्रीय अस्थिरता का बढ़ता खतरा

इस नवीनतम घटना से ईरान समर्थित हूती समूह और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच चल रहे संघर्ष की जटिलताओं पर प्रकाश पड़ता है। यह हमला इस बात का संकेत भी है कि लाल सागर क्षेत्र, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, अब यमन के युद्ध का एक और रणक्षेत्र बनता जा रहा है। इससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने की आशंकाएं प्रबल हो गई हैं।

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