ज़िंदगी का सफ़र
Ghazal By Furkan S Khan
Kaafiya: खुशी, हँसी
Radeef: है
ये ज़िंदगी का सफ़र, कितना हसीं है
हर पल एक नया मंज़र, ज़िंदगी हसीं है
कभी धूप, कभी छाँव का खेल, ये ज़िंदगी
कभी रुलाए, कभी हंसाए, ज़िंदगी हसीं है
ख्वाबों की दुनिया में खो जाए मन
सच की राहों पर भी, ज़िंदगी हसीं है
हर मोड़ पर मिलते हैं, नए फ़साने
ये दास्ताँ भी, ज़िंदगी हसीं है
'फ़ुरकान' कहता है, कुछ तो है इसमें
जो हर मुश्किल में, ज़िंदगी हसीं है
हर पल एक नया मंज़र, ज़िंदगी हसीं है
कभी धूप, कभी छाँव का खेल, ये ज़िंदगी
कभी रुलाए, कभी हंसाए, ज़िंदगी हसीं है
ख्वाबों की दुनिया में खो जाए मन
सच की राहों पर भी, ज़िंदगी हसीं है
हर मोड़ पर मिलते हैं, नए फ़साने
ये दास्ताँ भी, ज़िंदगी हसीं है
'फ़ुरकान' कहता है, कुछ तो है इसमें
जो हर मुश्किल में, ज़िंदगी हसीं है
Ghazal By Furkan S Khan
Kaafiya: पल, कल
Radeef: है
जी ले हर एक पल, यही ज़िंदगी है
बीता हुआ ना लौट आए, वो कल है
ख्वाहिशें तो अनंत हैं, पर सच यही
जो हाथ में है, वही अनमोल फल है
कभी उम्मीद की किरण, कभी मायूसी
हर रंग में रंगी, ये दुनिया है
हर लम्हा एक नया सबक सिखाता
यही तो जीवन का असली हल है
'फ़ुरकान' कहता है, समझ ले इसे
जो गुजर गया, वो बस एक ख़्वाब था
बीता हुआ ना लौट आए, वो कल है
ख्वाहिशें तो अनंत हैं, पर सच यही
जो हाथ में है, वही अनमोल फल है
कभी उम्मीद की किरण, कभी मायूसी
हर रंग में रंगी, ये दुनिया है
हर लम्हा एक नया सबक सिखाता
यही तो जीवन का असली हल है
'फ़ुरकान' कहता है, समझ ले इसे
जो गुजर गया, वो बस एक ख़्वाब था