सपनों की उड़ान

Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: राह, चाह, आह, निगाह

Radeef: को


मंज़िल की राह को आसान न समझो,
हर क़दम पर नई चाह को जगाओ।
जो आए मुश्किल, न भरों आह कोई,
बुलंदियों पर अपनी निगाह को सजाओ।



Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: कदम, हम, दम, थम

Radeef: नहीं


गिरते हैं जो, उठते भी हैं वो, ये बात नई नहीं,
रुकना नहीं, थकना नहीं, ये हौसला कम नहीं।
जब तक जान में दम है, तब तक रुकना नहीं,
मंज़िल मिले बिना, ये कारवाँ थमने वाला नहीं।



Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: रात, बात, साथ, प्रभात

Radeef: है


अंधेरी रात में भी, उम्मीद की बात है,
जो लड़ेगा अपने सपनों के साथ, वही महान है।
हर मुश्किल को हराने की जिसमें हिम्मत है,
उसी के लिए हर रोज़ एक नया प्रभात है।