हिम्मत का दिया

Ghazal By Furkan S Khan

Kaafiya: दिया, नया, चला, खुला, मिला, जिया

Radeef: है


हर सुबह एक उम्मीद का दिया है,
जो बुझ गया, वो कल था, अब नया है।
जो गिरा, वही तो फिर से चला है,
हर ठोकर ने एक सबक दिया है।
न हार मानना, न ठहर जाना,
तेरी मंज़िल का रास्ता खुला है।
जो मेहनत की ज़मीन पर बोया है,
वही फल तुझे आज मिला है।
हर पल एक नया इम्तिहान है,
जो जीत गया, वही तो जिया है।



Ghazal By Furkan S Khan

Kaafiya: किनारा, सहारा, गवारा, प्यारा, इशारा, पुकारा, नज़ारा, सितारा

Radeef: है


जो तूफ़ान आया है, उसका भी किनारा है,
हर मुश्किल के बाद एक नया सहारा है।
जो हार मानना नहीं, उसको ये गवारा है,
हर दिल में छुपा एक ख्वाब प्यारा है।
न देख पीछे मुड़कर, आगे ही इशारा है,
तेरी मंज़िल ने तुझे खुद ही पुकारा है।
ये ज़िंदगी का खेल है, बस खेलते जाना है,
हर कदम पे जीत का एक नज़ारा है।
तू ही अपनी राह का खुद ही सितारा है,
नया सवेरा तेरा, अब तू ही किनारा है।