अस्वीकृत मुहब्बत: प्यार में इंकार का दर्द - Furkan S Khan
Furkan S Khan की यह मुहब्बत शायरी प्यार में इंकार और उसके गहरे दर्द को बयाँ करती है। एकतरफ़ा मुहब्बत की दास्तान, जहाँ दिल में दर्द और यादें बस जाती हैं।
इन्कार: अस्वीकृति, मना करना। संहार: विनाश, पूरी तरह खत्म कर देना।
इम्तिहान: परीक्षा, कसौटी। गिला: शिकायत, शिकवा।
आसरा: सहारा, अवलंब। फ़रियाद: शिकायत, गुहार, प्रार्थना।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
33°C Bahraich
Comments (0)