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जलन पर बेहतरीन हिंदी शायरी | जलन की आग

जलन और ईर्ष्या पर आधारित भावपूर्ण हिंदी शायरी। जानिए क्यों दूसरों की खुशी से जलना एक बड़ा गुनाह है और कैसे यह हमारे व्यक्तित्व को प्रभावित करता है।

Thursday, September 24, 2026
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जलन पर बेहतरीन हिंदी शायरी | जलन की आग
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24 September 2026
जलन पर बेहतरीन हिंदी शायरी | जलन की आग
चार पंक्तियों वाली शायरी
दिलों में पनपती ये कैसी सियाह निगाह है, अपनों की खुशियों से जलना ही सबसे बड़ा गुनाह है खुद की तरक्की भूलकर जो दूसरों को ताकता है, हसद की आग में जलना ही उसका मुकाम है
💡 कठिन शब्दों के अर्थ जानने के लिए अंडरलाइन किए गए शब्दों पर टैप करें
Kaafiya निगाह, गुनाह Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
चार पंक्तियों वाली शायरी
दूसरों की चमक से जलना एक फरेब है, जिसके दिल में जलन हो वो खुद जलती हुई राख है अपने हुनर की डाल से तोड़कर खुद को न गिरा, ईर्ष्या की हवा में सूखती हर एक शाख है
💡 कठिन शब्दों के अर्थ जानने के लिए अंडरलाइन किए गए शब्दों पर टैप करें
Kaafiya राख, शाख Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

यह शायरी मानवीय स्वभाव के उस अंधेरे पक्ष को दर्शाती है जिसे हम ईर्ष्या कहते हैं। जब इंसान अपनी मेहनत के बजाय दूसरों की प्रगति को देखकर जलने लगता है, तो उसका स्वयं का पतन निश्चित हो जाता है। कविता में 'स्याह' शब्द का प्रयोग मन की कालिमा के लिए किया गया है, जबकि 'ताकना' शब्द दूसरों की थाली में झांकने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। 'हसद' एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ है किसी की नेमत देखकर यह कामना करना कि वह उससे छिन जाए। यह रचना हमें यह संदेश देती है कि जलन केवल दूसरों को नहीं, बल्कि सबसे पहले स्वयं के व्यक्तित्व को राख करती है। सकारात्मकता ही जीवन का एकमात्र मार्ग है।

इस दूसरी रचना में जलन के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला गया है। 'फरेब' का उपयोग यह बताने के लिए किया गया है कि ईर्ष्या एक छलावा है जो हमें यह विश्वास दिलाती है कि हम दूसरों को नीचा दिखाकर बड़े बन जाएंगे, जबकि वास्तविकता में हम खुद को जला रहे होते हैं। 'शाख' का अर्थ है डाली, जो हमारे व्यक्तित्व और विकास का प्रतीक है। जब कोई व्यक्ति ईर्ष्या की अग्नि में जलता है, तो वह अपने विकास की संभावनाओं को खुद ही समाप्त कर लेता है। यह कविता पाठकों को आत्म-चिंतन करने और अपनी ऊर्जा को दूसरों के प्रति नफरत के बजाय अपनी उन्नति में लगाने के लिए प्रेरित करती है।

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Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

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