खुशी का वो गुमाँ: एक उदास शायरी
Furkan S Khan की लिखी यह दिल को छू लेने वाली हिन्दी शायरी उस खोई हुई खुशी और बीते पलों की यादों को बयां करती है।"
यह शायरी उस बीते हुए सुखद पल को याद करती है जब जीवन में खुशियाँ भरी थीं और सब कुछ बहुत खूबसूरत लगता था। यह उस समय की बेफिक्री और आनंद को दर्शाती है, जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना मुश्किल है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
29°C Bahraich
Comments (0)