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दर्द से सीख: एटीट्यूड शायरी का गहरा एहसास

Furkan S Khan की एटीट्यूड शायरी का यह संग्रह दर्द, धोखे और मुश्किलों से उपजे आत्मविश्वास को बयां करता है। हर ज़ख्म एक नई ताक़त है।

Tuesday, September 22, 2026
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दर्द से सीख: एटीट्यूड शायरी का गहरा एहसास
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22 September 2026
दर्द से सीख: एटीट्यूड शायरी का गहरा एहसास
एटीट्यूड शायरी
वो जो कहते थे कभी, तुम बेमिसाल हो, आज उनकी बातों में भी, बस एक सवाल है हर हँसी के पीछे, एक दर्द छुपा है, ये दुनिया वालों को, कहाँ इसका ज्ञान है माना कि राहें, थीं काँटों भरी, पर हर ठोकर ने, एक सबक सिखाया है अब आँसूओं का, हिसाब नहीं रखते, ये तो बस जिगर का, एक निशान है
Kaafiya निशान, गुमां Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

यह शायरी टूटे हुए दिल के दर्द और उस दर्द से मिले अटूट आत्मविश्वास को दर्शाती है। इसमें 'बेमिसाल' (जिसकी कोई मिसाल न हो) और 'जिगर' (हिम्मत, कलेजा) जैसे शब्दों का प्रयोग गहराई को बढ़ाता है। शायर बताता है कि कैसे मुश्किलों और दर्द ने उसे और मज़बूत बना दिया है, और अब वह दुनिया की परवाह किए बिना अपने रास्ते पर चलता है। यह एटीट्यूड शायरी दर्द को ताकत में बदलने की कहानी कहती है।

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Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

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