AI Poetryशायरी

प्रेम शायरी: दिल के ज़ख्मों पर मरहम, तेरे इश्क़ की राहें

फ़ुरकान एस खान की यह प्रेम शायरी दिल के ज़ख्मों पर मरहम का काम करती है। जानें कैसे प्यार की शक्ति भावनात्मक उपचार लाती है और जीवन को सुकून से भर देती है।

Thursday, September 24, 2026
AMP 0 0
शायरी
NEWS CARD
Logo
प्रेम शायरी: दिल के ज़ख्मों पर मरहम, तेरे इश्क़ की राहें
“प्रेम शायरी: दिल के ज़ख्मों पर मरहम, तेरे इश्क़ की राहें”
Favicon
Vews
https://mail.vews.in/s/ifqEt7
Date
24 September 2026
प्रेम शायरी: दिल के ज़ख्मों पर मरहम, तेरे इश्क़ की राहें
प्रेम शायरी
दिल के सूने वीराने में, इक आस जगी है तेरी, भटकी कश्ती साहिल पर, जैसे मिली है राहें तेरी हर आहट पर काँप उठूँ, जैसे आए आहें तेरी, इस तन्हाई के आलम में, बस थाम ले बाहें तेरी जो दर्द थे बिखरे मुझमें, वो सिमट गए पल में, तेरे इश्क़ की खुशबू से, महकी फिज़ाएँ तेरी
Kaafiya राहें, आहें, बाहें Radeef तेरी
Poetry Byफ़ुरकान एस खान

यह शायरी भावनात्मक उपचार और प्रेम की शक्ति को दर्शाती है। कवि अपने दिल के खालीपन में प्रेम की आशा को देखता है, जो जीवन की मुश्किल राहों को आसान बनाती है। प्रेमिका की आहट और उसकी बाँहों का सहारा अकेलेपन को दूर कर देता है, और उसके प्रेम की महक बिखरे हुए दर्द को समेट कर सुकून देती है। यह प्रेम के उन घावों को भरने की क्षमता को व्यक्त करती है जो समय के साथ बने थे।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

Comments (0)

User