AI Poetry
हम और ज़िंदगी
उदासी का आलम: फ़ुरक़ान एस ख़ान की मार्मिक किता
फ़ुरक़ान एस ख़ान द्वारा रचित 'उदासी का आलम' किता में दिल के गहरे दर्द और अकेलेपन को महसूस करें। हिंदी कविता का एक मार्मिक अनुभव।
Saturday, August 29, 2026
https://mail.vews.in/hum-aur-zindagi/udaasi-ka-aalam-furkan-s-khans-poignant-qita
ह
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
“उदासी का आलम: फ़ुरक़ान एस ख़ान की मार्मिक किता”
Vews
https://mail.vews.in/hum-aur-zindagi/udaasi-ka-aalam-furkan-s-khans-poignant-qita
Date
29 August 2026
QR Code
https://mail.vews.in/hum-aur-zindagi/udaasi-ka-aalam-furkan-s-khans-poignant-qita
Qita — By Furkan S Khan
उदासी का आलम है, दिल उदास है
हर खुशी से अब तो दूरी का एहसास है
अश्कों में बह गई वो सारी चाहतें
जब से तू नहीं, हर पल एक प्यास है
Kaafiya: उदास, एहसास, प्यास
Radeef: है
Qita — By Furkan S Khan
ये दिल है जो बस ग़म से भरा है
हर साँस में अब एक दर्द छुपा है
कहाँ ढूँढें वो सुकून की राहें
जब हर मोड़ पे बस अँधेरा खड़ा है
Kaafiya: भरा, छुपा, खड़ा
Radeef: है
Qita — By Furkan S Khan
रातें लम्बी, दिन भी अब बेजान से हैं
खुशियाँ जैसे रूठी हुई मेहमान से हैं
कोई पूछे न हाल, न कोई बात करे
हम तो बस अपने ही टूटे अरमान से हैं
Kaafiya: बेजान, मेहमान, अरमान
Radeef: से हैं
उदासी का आलम
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: उदास, एहसास, प्यास | Radeef: है
उदासी का आलम है, दिल उदास है
हर खुशी से अब तो दूरी का एहसास है
अश्कों में बह गई वो सारी चाहतें
जब से तू नहीं, हर पल एक प्यास है
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: भरा, छुपा, खड़ा | Radeef: है
ये दिल है जो बस ग़म से भरा है
हर साँस में अब एक दर्द छुपा है
कहाँ ढूँढें वो सुकून की राहें
जब हर मोड़ पे बस अँधेरा खड़ा है
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: बेजान, मेहमान, अरमान | Radeef: से हैं
रातें लम्बी, दिन भी अब बेजान से हैं
खुशियाँ जैसे रूठी हुई मेहमान से हैं
कोई पूछे न हाल, न कोई बात करे
हम तो बस अपने ही टूटे अरमान से हैं
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.
Related Posts
प्रेरणादायक गज़ल: उठो और चमको
Sunday, August 30, 2026
0
1
🔥 7 people reading now
गम का आलम: फरकान एस खान की उदास ग़ज़ल
Sunday, August 30, 2026
0
0
🔥 3 people reading now
तन्हाई का आलम: Furkan S Khan की दर्द भरी शायरी
Sunday, August 30, 2026
0
0
🔥 11 people reading now
उदासी का मंज़र: फ़ुरक़ान एस ख़ान की मार्मिक नाज़्म
Sunday, August 30, 2026
0
0
🔥 12 people reading now
उदासी की चादर: दिल को छू लेने वाली नाज़्म
Sunday, August 30, 2026
0
0
🔥 10 people reading now
जीत की लगन: प्रेरणादायक क़िता | मुश्किलों से लड़ो
Sunday, August 30, 2026
0
0
🔥 3 people reading now
Security Check
Please complete the captcha to verify you are human.
29°C Bahraich
Comments (0)