यह कविता प्रतीक्षा की गहरी भावना को व्यक्त करती है। कवि खामोशी में भी एक जानी-पहचानी आहट महसूस करता है, जो किसी प्रियजन के आने का आभास कराती है। सूनी राहों में भी उसकी चाहत बनी रहती है, और हर पल उसी का इंतजार रहता है। धुंधला सा अक्स जो दिखाई देता है, वह उसी प्रिय की यादों का प्रतीक है जो मन को बहलाए रखती है। यह कविता प्रेम, विरह और आशा का सुंदर मिश्रण है।