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इंतज़ार की आहट: प्रेम और विरह की हिंदी कविता

Furkan S Khan की 'इंतज़ार की आहट' कविता पढ़ें। प्रेम, विरह और प्रतीक्षा की गहरी भावनाओं को व्यक्त करती यह हिंदी सूक्षम कविता मन को छू जाएगी।

Friday, September 25, 2026
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इंतज़ार की आहट: प्रेम और विरह की हिंदी कविता
“इंतज़ार की आहट: प्रेम और विरह की हिंदी कविता”
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25 September 2026
इंतज़ार की आहट: प्रेम और विरह की हिंदी कविता
सूक्ष्म कविता
खामोशी में एक आहट सी सुनता हूँ, जैसे कोई दूर से पुकारता है। सूनी राहों में तेरी चाह रखता हूँ, हर पल बस तेरा ही इंतज़ार करता हूँ। धुंधला सा अक्स जो नज़र आता है, वो तेरा ही तो है, जो दिल बहलाता है।
Kaafiya राह, चाह Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

यह कविता प्रतीक्षा की गहरी भावना को व्यक्त करती है। कवि खामोशी में भी एक जानी-पहचानी आहट महसूस करता है, जो किसी प्रियजन के आने का आभास कराती है। सूनी राहों में भी उसकी चाहत बनी रहती है, और हर पल उसी का इंतजार रहता है। धुंधला सा अक्स जो दिखाई देता है, वह उसी प्रिय की यादों का प्रतीक है जो मन को बहलाए रखती है। यह कविता प्रेम, विरह और आशा का सुंदर मिश्रण है।

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Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

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