जीवन का रंग

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: बदलता, पिघलता, संभलता, निकलता  |  Radeef: जाए
जीवन एक रंग है, हर पल में बदलता जाए, कभी खुशी की लहर, कभी गम में पिघलता जाए। जो समझे इस रहस्य को, वो हर पल संभलता जाए, बस जीते रहो तुम, हर साँस से निकलता जाए।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: सुन, गुन, बुन, चुन  |  Radeef: ले
जीवन एक धुन है, हर पल को तू सुन ले, कभी खुशी के गीत, कभी गम भी गुन ले। जो समझे इस राज़ को, हर सपना वो बुन ले, बस जीते रहो तुम, अपनी राह खुद चुन ले।