भीतर की शांति: मन को सुकून देने वाली हिंदी कविता | Furkan S Khan
Furkan S Khan द्वारा लिखित 'भीतर की शांति' कविता पढ़ें। यह जीवन कविता आपको आंतरिक शांति और सुकून का अनुभव कराएगी।
करार: शांति, सुकून रूह: आत्मा बसर: व्यतीत करना, बिताना सरसराहट: पत्तों की आवाज़ द्वेष: नफरत ज़हर: विष, बुराई सार: निचोड़, महत्व
आँधी फिरे: मन में उथल-पुथल होना, तूफान आना हलचल: शोरगुल, बेचैनी ठहराव: स्थिरता, रुकना प्रभाव: असर द्वेष: नफरत, शत्रुता क्षमा: माफ़ी सुकून: शांति, चैन पहुँच: प्राप्ति, access
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