ग़म-ए-ज़िंदगी: दिल को छू लेने वाली उदास शायरी
Furkan S Khan द्वारा लिखित, ग़म-ए-ज़िंदगी पर एक दिल को छू लेने वाली शायरी। हर साँस में छुपी उदासी और अकेलेपन का अहसास।
उदासियों का घेरा: उदासी से घिरा हुआ। बेमानी: अर्थहीन, जिसका कोई मतलब न हो। बोझिल: भारी, दुखदायी। कम: अधूरा, कमज़ोर।
चुभन: तीखा दर्द, टीस। अश्कों: आँसू। हिसाब: गिनती, लेखा-जोखा। पैगाम: संदेश।
खंडहर: टूटा हुआ ढाँचा, बर्बाद जगह। वीरान: निर्जन, उजाड़। तमन्नाएँ: इच्छाएँ, आरज़ूएँ। बेघर: बिना घर के, निराश्रित।
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