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प्रेरणादायक शायरी: मंज़िलें मिलेंगी ज़रूर - Furkan S Khan
Furkan S Khan की यह प्रेरणादायक शायरी आपको अपने सपनों की ओर बढ़ने का हौसला देगी। जीवन के हर संघर्ष में हिम्मत बनाए रखने की सीख।
Shayari By Furkan S Khan
मंज़िलें मिलेंगी ज़रूर, बस कदम बढ़ाए जा,
राह में आए चाहे जितनी भी बाधा, तू मुस्कुराए जा।
हौसलों की उड़ान से, आसमाँ भी झुकेगा एक दिन,
अपने सपनों को तू, हर पल सजाए जा।
Shayari By Furkan S Khan
उठो, जागो, बढ़ो आगे, ये वक्त पुकारता है,
हर मुश्किल से लड़कर ही, इंसान संवरता है।
न डरना कभी हार से, ये तो बस एक पड़ाव है,
सफलता उसी को मिलती है, जो निरंतर चलता है।
Shayari By Furkan S Khan
हौसलों की उड़ान भर, तू ऊँचा उड़ता चल,
हर चुनौती को पार कर, अपनी राह गढ़ता चल।
ये दुनिया तेरी मुट्ठी में है, बस हिम्मत न हारना तू,
अपने सपनों को हकीकत में, हर पल बदलता चल।
उड़ान की चाह
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: बढ़ाए, मुस्कुराए, सजाए | Radeef: जा
मंज़िलें मिलेंगी ज़रूर, बस कदम बढ़ाए जा,
राह में आए चाहे जितनी भी बाधा, तू मुस्कुराए जा।
हौसलों की उड़ान से, आसमाँ भी झुकेगा एक दिन,
अपने सपनों को तू, हर पल सजाए जा।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: पुकारता, संवरता, चलता | Radeef: है
उठो, जागो, बढ़ो आगे, ये वक्त पुकारता है,
हर मुश्किल से लड़कर ही, इंसान संवरता है।
न डरना कभी हार से, ये तो बस एक पड़ाव है,
सफलता उसी को मिलती है, जो निरंतर चलता है।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: उड़ता, गढ़ता, बदलता | Radeef: चल
हौसलों की उड़ान भर, तू ऊँचा उड़ता चल,
हर चुनौती को पार कर, अपनी राह गढ़ता चल।
ये दुनिया तेरी मुट्ठी में है, बस हिम्मत न हारना तू,
अपने सपनों को हकीकत में, हर पल बदलता चल।
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