मौन उदासी: दिल को छू लेने वाली हिंदी नज़्म | Furkan S Khan

फ़ुरक़ान एस ख़ान की 'मौन उदासी' नज़्म में खामोश उदासी और दिल के बोझ को महसूस करें। यह कविता अकेलेपन और अनकहे दर्द को बयां करती है, जो हर साँस में घुल कर पलती है।

Thursday, September 17, 2026
36 minutes ago
AMP 0 1
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
मौन उदासी: दिल को छू लेने वाली हिंदी नज़्म | Furkan S Khan
“मौन उदासी: दिल को छू लेने वाली हिंदी नज़्म | Furkan S Khan”
Favicon
Vews
https://mail.vews.in/s/l4rDz
Date
17 September 2026
मौन उदासी: दिल को छू लेने वाली हिंदी नज़्म | Furkan S Khan

मौन उदासी: खामोश उदासी, टीस: हल्का दर्द, मचलती: बेचैन होना, ढलती: अस्त होना, समाप्त होना।

मंज़र: दृश्य, लौ: रोशनी, दीपक की ज्वाला, लफ़्ज़: शब्द, सौगात: उपहार, वीरानी: सुनसान, उदासी, गिला: शिकायत।

आहट: पदचाप, हल्की आवाज़, सूनी राह: खाली रास्ता, वीरान राह, उलझती: फँसना, उलझन में पड़ना, उमड़ती: उभरना, उमड़ आना, बेपनाह: असीमित, बहुत ज़्यादा।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User