ज़ख़्म: घाव, चोट। अश्क: आँसू। सी सकता नहीं: ठीक नहीं कर सकता, भर नहीं सकता।
दर्द-ए-दिल: दिल का दर्द। बहूँ: बहाऊँ, गिराऊँ (आँसू के संदर्भ में)। साया: परछाईं, प्रभाव।
ताज़ा हो गया: फिर से हरा हो गया, नया हो गया (ज़ख़्म के संदर्भ में)। फुरकत: जुदाई, विरह। धो गया: धुल गया (आँसुओं से चेहरा धुल गया)।