इस ग़ज़ल में शायर ज़िंदगी के रहस्य और उसके विभिन्न पहलुओं पर विचार करता है। 'अदा' का अर्थ है अंदाज़ या शैली। 'सज़ा' का अर्थ है दंड। 'सदा' का अर्थ है आवाज़ या पुकार। 'खुदा' यहाँ ज़िंदगी के परम सत्य या नियंता के अर्थ में प्रयुक्त है। हर शेर में ज़िंदगी के किसी न किसी पहलू पर सवाल उठाया गया है।

यह ग़ज़ल समय के प्रवाह और जीवन की क्षणभंगुरता को दर्शाती है। 'धार' का अर्थ है प्रवाह या धारा। 'हकीकत' यानी वास्तविकता। 'असर' का अर्थ है प्रभाव। 'सफ़र' यानी यात्रा। 'नज़र' यानी दृष्टि या झलक। 'डगर' का अर्थ है रास्ता। 'बेखबर' का अर्थ है अनजाना या अज्ञात। शायर बताता है कि सब कुछ गुज़र जाएगा, केवल यादें और प्रभाव ही शेष रहेंगे।