जीवन का सफ़र: ज़िंदगी पर एक ख़ूबसूरत ग़ज़ल | Furkan S Khan

Furkan S Khan द्वारा रचित 'जीवन का सफ़र' ग़ज़ल पढ़ें। ज़िंदगी के हर मोड़, आशा और प्रेरणा को दर्शाती यह ख़ूबसूरत हिंदी कविता।

Friday, August 28, 2026
AMP 0 1
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
जीवन का सफ़र: ज़िंदगी पर एक ख़ूबसूरत ग़ज़ल | Furkan S Khan
“जीवन का सफ़र: ज़िंदगी पर एक ख़ूबसूरत ग़ज़ल | Furkan S Khan”
Favicon
Vews
https://mail.vews.in/hum-aur-zindagi/jeevan-ka-safar-beautiful-ghazal-on-life-furkan-s-khan
Date
28 August 2026
"
Ghazal By Furkan S Khan
ये ज़िंदगी एक अजब सा लंबा सफ़र है। क्या खोया, क्या पाया, किसे इसकी खबर है। हर मोड़ पर मिलती नई एक राहगुज़र है। कभी धूप की तपिश, कभी ठंडी लहर है। कुछ ख्वाब हैं अधूरे, कुछ दिल में असर है। जी ले हर पल को, यही जीने की कदर है।
"
Ghazal By Furkan S Khan
जो मिला ज़िंदगी से, हमने सब कुछ लिया। हर पल को हमने जैसे, एक तोहफ़ा दिया। कुछ ख्वाब थे अधूरे, कुछ यादों में जिया। वक़्त का दरिया देखो, कैसे बहता गया। कभी हँसते हुए, कभी आँसू भी पिया। हर इम्तिहान को हमने, यूँ ही पार किया।

जीवन का सफ़र

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: सफ़र, खबर, राहगुज़र, लहर, असर, कदर  |  Radeef: है
ये ज़िंदगी एक अजब सा लंबा सफ़र है। क्या खोया, क्या पाया, किसे इसकी खबर है। हर मोड़ पर मिलती नई एक राहगुज़र है। कभी धूप की तपिश, कभी ठंडी लहर है। कुछ ख्वाब हैं अधूरे, कुछ दिल में असर है। जी ले हर पल को, यही जीने की कदर है।

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: लिया, दिया, जिया, पिया, किया  |  Radeef: गया
जो मिला ज़िंदगी से, हमने सब कुछ लिया। हर पल को हमने जैसे, एक तोहफ़ा दिया। कुछ ख्वाब थे अधूरे, कुछ यादों में जिया। वक़्त का दरिया देखो, कैसे बहता गया। कभी हँसते हुए, कभी आँसू भी पिया। हर इम्तिहान को हमने, यूँ ही पार किया।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User