प्रेम की पुकार: फ़ुरकान एस ख़ान की दिल छू लेने वाली क़िता

फ़ुरकान एस ख़ान द्वारा रचित प्रेम पर आधारित एक सुंदर क़िता। यह कविता प्रेम के आगमन और उसके आत्मा पर पड़ने वाले प्रभाव का वर्णन करती है।

Tuesday, September 15, 2026
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प्रेम की पुकार: फ़ुरकान एस ख़ान की दिल छू लेने वाली क़िता
“प्रेम की पुकार: फ़ुरकान एस ख़ान की दिल छू लेने वाली क़िता”
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Date
15 September 2026
Qita — By Furkan S Khan
जबसे देखा तुम्हें, दिल में करार है, हर तरफ बस तेरा ही दीदार है। ये इश्क़ है या कोई जादू है तेरा, जो मेरी रूह पर बन के बहार है।
Qita — By Furkan S Khan
तेरी आँखों में देखा तो जहाँ है, हर ख़ुशी, हर सुकून का निशाँ है। भूल बैठा मैं अपनी सारी दुनिया, जब से तू मेरे दिल का मेज़बाँ है।
Qita — By Furkan S Khan
रात दिन बस तेरा ही ख्याल रहता है, ये दिल हर पल तेरा ही मलाल रहता है। कैसे कहूँ तुझे, क्या है मेरी चाहत, लफ्ज़ों में भी तेरा ही कमाल रहता है।

करार: शांति, सुकून; दीदार: दर्शन; रूह: आत्मा; बहार: रौनक, ख़ुशी।

जहाँ: संसार; सुकून: शांति; निशाँ: चिह्न; मेज़बाँ: मेजबान, मेहमाननवाज़ी करने वाला।

ख्याल: विचार; मलाल: अफ़सोस, याद; चाहत: इच्छा, प्रेम; कमाल: अद्भुत, श्रेष्ठता।

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Zainab
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