सफ़र-ए-हयात: फ़ुरकान एस ख़ान की ज़िंदगी पर एक ख़ूबसूरत नज़्म

जीवन के सफ़र, उसकी धूप-छाँव और अनुभवों को बयां करती फ़ुरकान एस ख़ान की यह ख़ूबसूरत नज़्म 'सफ़र-ए-हयात' पढ़ें। प्रेरणा और चिंतन से भरपूर।

Sunday, August 30, 2026
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सफ़र-ए-हयात: फ़ुरकान एस ख़ान की ज़िंदगी पर एक ख़ूबसूरत नज़्म
“सफ़र-ए-हयात: फ़ुरकान एस ख़ान की ज़िंदगी पर एक ख़ूबसूरत नज़्म”
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https://mail.vews.in/hum-aur-zindagi/safar-e-hayat-a-beautiful-nazm-by-furkan-s-khan-on-life
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30 August 2026
Nazm — By Furkan S Khan
ज़िंदगी एक सफ़र है, कभी धूप कभी छाँव है, मिलते हैं राह में कितने ही अनजाने गाँव है। ख़ुशियों की लहर है, ग़मों का दरिया भी है, हर साँस में एक नया इम्तिहान यहाँ है। कभी हँसी है, कभी आँख में नमी भी है, ये ज़िंदगी की कहानी, बड़ी दिलचस्प सी है। गुज़रते लम्हे, बनते हैं यादों के कारवाँ, यही तो है ज़िंदगी, बहता हुआ कारवाँ।
Nazm — By Furkan S Khan
ये ज़िंदगी क्या है, एक अनसुलझा सवाल है, हर पल नया है, हर लम्हा बेमिसाल है। कभी धूप-छाँव है, कभी ख़ुशियों की बहार है, ये फ़ानी दुनिया है, एक अजब सा संसार है। न जाने क्या छुपा है, इन गुज़रते लम्हों में, एक अजब सी कशिश है, इन उलझे रस्मों में। ये राज़-ए-हयात है, जो सबको समझना है, हर साँस में एक नया पाठ सीखना है।

सफ़र-ए-हयात: जीवन का सफ़र छाँव: छाया गाँव: ग्राम दरिया: नदी इम्तिहान: परीक्षा नमी: गीलापन (यहाँ आँसुओं के लिए) दिलचस्प: मनोरंजक कारवाँ: यात्रियों का समूह, काफिला

राज-ए-हयात: जीवन का रहस्य अनसुलझा: जिसका हल न मिला हो बेमिसाल: जिसकी कोई मिसाल न हो, अद्वितीय फ़ानी दुनिया: नाशवान दुनिया कशिश: आकर्षण दस्तूर: नियम, रिवाज पाठ: सबक

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Zainab
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