तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं | शायरी फ़ुरकान एस खान
तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं, अपने अश्कों को हथेली पे उठाए बैठे हैं। शायरी फ़ुरकान एस खान
This post is archived
This content is no longer updated and is kept for historical purposes.
QR Code
तेरी यादों का मौसम यूँही बरकरार रहे,
हर साँस में तेरा एहसास बार-बार रहे।
चाहे दूर रहे या क़रीब आ जाए,
दिल में तेरी चाहत सदा बरकरार रहे।
तू मिले या न मिले जाना, ये मुकद्दर की बात है,
पर दुआ है फुरकान तेरा साया मेरे दरकार रहे।
हर शब तेरी यादों में जलता रहा हूँ,
चाहत का ये चराग सहर तक उदास रहे।
इश्क़ की रहगुज़र में मुसाफ़िर हूँ मैं,
तेरे बिन ये सफ़र भी सूना-सूना रहे।
— Furkan S Khan
[घर की याद में]
तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं,
अपने अश्कों को हथेली पे उठाए बैठे हैं।
तू जो आए तो सजा दूँ मैं ये उजड़ा दिल,
इसी उम्मीद में दीपक जलाए बैठे हैं।
बिछड़ कर भी तेरा नाम जुबां पे आता है,
हम मोहब्बत की रिवायत निभाए बैठे हैं।
कभी आओ तो देखो ये तसव्वुर मेरा,
तेरी यादों का मौसम हम बसाए बैठे हैं।
— Furkan S Khan
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Verified Contributor
A passionate content creator sharing meaningful baby names, Islamic names and their beautiful meanings, along with the latest news and informative stories. Bringing knowledge, culture, and updates together.
Related Posts
खोई हुई मुस्कान: विरह की पीड़ा में खुशी की तलाश
बे-करार दिल: जुदाई का दर्द - एक ग़ज़ल
यादों का सिलसिला: अमर प्रेम की शायरी | Furkan S Khan
मौत पर एटीट्यूड शायरी | जीवन का बेखौफ अंदाज़
दर्द भरी व्हाट्सएप शायरी: दिल के अनकहे दर्द की दास्तां
जीवन का सफर: एक प्रेरणादायक कविता
Security Check
Please complete the captcha to verify you are human.
26°C Bahraich
Comments (0)