Article ट्रेंडिंग AI Generated

नेपाल बाढ़ में '4000 साल पुराने शालिग्राम' मिलने का दावा झूठा: क्या है सच?

नेपाल में आई बाढ़ के दौरान 4000 साल पुराने शालिग्राम मिलने के दावे सोशल मीडिया पर वायरल हुए, लेकिन पड़ताल में यह दावा पूरी तरह गलत पाया गया है।

Friday, September 4, 2026
AMP 0 0
ट्रेंडिंग
NEWS CARD
Logo
नेपाल बाढ़ में '4000 साल पुराने शालिग्राम' मिलने का दावा झूठा: क्या है सच?
“नेपाल बाढ़ में '4000 साल पुराने शालिग्राम' मिलने का दावा झूठा: क्या है सच?”
Favicon
Vews
https://mail.vews.in/s/6GAsm
Date
04 September 2026
नेपाल बाढ़ में '4000 साल पुराने शालिग्राम' मिलने का दावा झूठा: क्या है सच?

मुख्य बातें

  • सोशल मीडिया पर नेपाल बाढ़ के दौरान 4000 साल पुराने शालिग्राम मिलने के दावे भ्रामक निकले।
  • कई मीडिया रिपोर्टों और तथ्य-जांच में यह दावा फर्जी पाया गया है।
  • शालिग्राम पत्थर प्राकृतिक रूप से लाखों साल पुराने होते हैं, न कि हजारों साल पुराने, और ये नेपाल की गंडकी नदी में सदियों से पाए जाते रहे हैं।

नेपाल में '4000 साल पुराने शालिग्राम' मिलने का दावा फर्जी

नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हुआ। इसमें कहा गया कि बाढ़ के दौरान 4000 साल पुराने 'शालिग्राम' पत्थर पाए गए हैं। इन दावों को कई वीडियो और तस्वीरों के साथ साझा किया गया, जिससे लोगों में उत्सुकता और भ्रम फैल गया। हालांकि, जब Vews.in की टीम ने इस दावे की गहन पड़ताल की, तो सच्चाई कुछ और ही सामने आई। यह दावा पूरी तरह भ्रामक निकला।

Frequently Asked Questions

नहीं, यह दावा पूरी तरह गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरें भ्रामक हैं और किसी नए '4000 साल पुराने' शालिग्राम की खोज को प्रमाणित नहीं करते।

भूवैज्ञानिकों के अनुसार, शालिग्राम पत्थर वास्तव में जीवाश्म (अमोनाइट) होते हैं, जो लाखों साल पुराने हो सकते हैं। ये मुख्य रूप से नेपाल की गंडकी नदी में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं।

अक्सर, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नदियों द्वारा बहाए गए या उजागर हुए सामान्य पत्थरों को असाधारण खोज मानकर गलत दावों के साथ सोशल मीडिया पर फैलाया जाता है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
AI Assisted

This content was generated with the help of artificial intelligence.

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User