सरसराहट: पत्तों की हल्की आवाज़। सौंधी: मिट्टी की ताज़ी, भीगी हुई खुशबू। अनकहे: जो कहे न गए हों। गूँजती: आवाज़ का बार-बार सुनाई देना। समाई: अंदर बस जाना। एहसास: अनुभव, महसूस करना। संग्रहालय: जहाँ पुरानी चीज़ें रखी जाती हैं। शबनम: ओस की बूँदें।
सन्नाटे: गहरी चुप्पी। सिमटे: इकठ्ठे हुए, समाए हुए। वास्ते: के लिए, कारण। आहट: किसी के आने की हल्की ध्वनि। नीलिमा: नीले रंग का फैलाव, नीलापन। दरिया: नदी, सागर। पिया: यहाँ मन के लिए उपयोग हुआ है, 'मन रूपी पिया'। गवाह: साक्षी। अश्क: आँसू। शर्मिंदा: लज्जित। पनाह: आश्रय, शरण। राहत: आराम, चैन।
शरारतें: नटखट हरकतें। बहलाए: मन को खुश करे। तपती: बहुत गरम। बेफिक्री: चिंता रहित। पतझड़: वो मौसम जब पेड़ अपने पत्ते गिराते हैं। दस्तक दे: दरवाज़ा खटखटाना, यहाँ अर्थ है 'आना'। बिछड़े: अलग हुए। अलाव: आग का ढेर, खासकर ठंड में तापने के लिए। झोंका: हवा का तेज़ बहाव। धोखा: भ्रम, छल। वादियाँ: घाटियाँ। थमीं: रुकी हुईं। महकाती: सुगंधित करती हैं, खुशबू फैलाती हैं।