साँसों का इज़हार: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली हिन्दी प्रेम शायरी

Furkan S Khan द्वारा लिखी गई 'साँसों का इज़हार' हिन्दी प्रेम शायरी का एक खूबसूरत संग्रह। हर पंक्ति में इश्क़ और वफ़ा का गहरा एहसास।

Sunday, September 20, 2026
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साँसों का इज़हार: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली हिन्दी प्रेम शायरी
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20 September 2026
साँसों का इज़हार: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली हिन्दी प्रेम शायरी
Four Line Shayari — By Furkan S Khan
तेरी बातों में एक अजब सा नशा है, मेरे दिल को तेरी चाहत में ही मज़ा है। हर लम्हा तेरे संग जीना ही वफ़ा है, तुझसे मिलकर मिली है एक सच्ची ख़ुशी है। ये जो तेरी आँखों में डूब जाने की चाहत, ये मेरे जिस्म-ओ-जाँ में एक रवानगी है। तेरे बिना हर पल अधूरी सी राह है, तू ही मंज़िल, तू ही मेरी ज़िंदगी है। तेरी हँसी से खिलते हैं मेरे गुलशन, तेरे ग़म से होती आँखों में नमी है। तू है तो हर पल जन्नत का मंज़र, वरना ये दुनिया बस एक ख़ामोशी है। साँसों में घुल गयी है तेरी महक, मेरी रूह को तेरी ही बंदगी है। तू ही मेरा इश्क़, तू ही मेरा सब कुछ, तुझसे ही मेरी हर ख़ुशी है।

नशा - मदहोशी, आकर्षण; मज़ा - आनंद, ख़ुशी; वफ़ा - निष्ठा, प्रेम; रवानगी - प्रवाह, गति; गुलशन - बाग, बगीचा; मंज़र - दृश्य; महक - सुगंध; बंदगी - इबादत, प्रेम।

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Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

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