दिल का दर्द: एक मार्मिक हिंदी कविता - Heartbreak Poetry

प्रेम में टूटे दिल की गहराई को दर्शाती एक मार्मिक हिंदी कविता। भावनाओं से भरी यह माइक्रो पोएट्री हर टूटे दिल की कहानी कहती है।

Saturday, September 19, 2026
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दिल का दर्द: एक मार्मिक हिंदी कविता - Heartbreak Poetry
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19 September 2026
दिल का दर्द: एक मार्मिक हिंदी कविता - Heartbreak Poetry
Micro Poetry — By Furkan S Khan
एक पल था जब हर रंग था, आज बस है एक बेरंग सा गम। दिल की हर धड़कन में तेरा नाम था, अब बस है एक खामोश सा मातम। टूटे हुए वादों की चुभन है गहरी, हर साँस में तेरी यादों की पहरी। आँखों में समंदर, लबों पर सन्नाटा, जैसे कोई सपना, होकर भी नाता। रूह की गहराई में एक खालीपन, जैसे वीरान हो गया हो कोई चमन। अब तो बस आदत है, इस दर्द की, जिंदगी चल रही है, बेजान सी।
Micro Poetry — By Furkan S Khan
वो हँसी अब कहाँ? वो बातें कहाँ? बस एक सन्नाटा है, मेरे दिल की राहों में। जो कभी थे मेरे हमदम, वो लम्हे कहाँ? अब तो बस यादें हैं, इन ठंडी आहों में। हर सुबह एक बोझ सी लगती है, हर शाम जैसे कोई गहरा ज़ख्म। आइना भी अब पहचानता नहीं मुझे, खो गया है कहीं मेरा वो हमदम। धड़कनें भी अब बेसुरी सी लगती हैं, जैसे कोई गीत अधूरा रह गया हो। इस टूटे हुए दिल की क्या कहानी कहूँ, जो कभी तेरा था, अब बस मेरा रह गया हो।
Micro Poetry — By Furkan S Khan
एक कहानी थी जो लिखी थी रेत पर, लहरों ने आकर मिटा दी एक पल में। भरोसा था जिसे अपनी हर चाहत पर, आज वो अकेला खड़ा है इस दलदल में। तेरी यादें हैं, जो चुभती हैं काँटों सी, हर साँस में है एक टीस पुरानी। आँसू भी अब सूख गए हैं आँखों में, क्या कहूँ इस दिल की बेबस कहानी। वो खुशियाँ, वो पल, सब खो गए कहाँ? एक दर्द का साया है, हर मोड़ पर। अब तो बस इंतज़ार है उस सुबह का, जब ये रात ढलेगी, हमेशा के लिए।

बेरंग: रंगहीन, बिना किसी रंग के। मातम: शोक, दुख। वीरान: उजाड़, खाली। चमन: बाग, बगीचा। बेजान: प्राणहीन, जिसमें जान न हो।

हमदम: साथी, मित्र। बेसुरी: बेसुरा, तालमेल से बाहर। ज़ख्म: घाव।

टीस: हल्की और लगातार चुभने वाला दर्द। बेबस: लाचार, असहाय। दलदल: कीचड़ भरा स्थान, मुश्किल स्थिति।

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Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

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