ग़म का सफ़र: दिल को छू लेने वाली मसनवी कविता
फरकान एस खान की 'ग़म का सफ़र' मसनवी कविता पढ़ें, जो दुख और उदासी के गहरे भावनात्मक सफ़र को बयां करती है। दिल को छू लेने वाली पंक्तियाँ।
कारवाँ: काफिला, यात्रा रूह: आत्मा अश्क: आँसू लय: ताल, गति चकनाचूर: टूटकर बिखर जाना सिसकियाँ: रोने की धीमी आवाज़
आलम: स्थिति, दुनिया ग़म: दुख, उदासी दामन: आँचल, किनारा वादियाँ: घाटियाँ सन्नाटा: खामोशी, चुप्पी सरगोशी: फुसफुसाहट, धीमी आवाज़
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