प्रेम की ज्योति: फ़ुरकान एस खान की हृदयस्पर्शी कविता

फ़ुरकान एस खान की यह सुंदर क़िता प्रेम की शक्ति और उसके एकीकरण के संदेश को दर्शाती है। प्रेम कैसे दिलों को जोड़ता है, जानें।

Thursday, September 10, 2026
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प्रेम की ज्योति: फ़ुरकान एस खान की हृदयस्पर्शी कविता
“प्रेम की ज्योति: फ़ुरकान एस खान की हृदयस्पर्शी कविता”
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https://mail.vews.in/hum-aur-zindagi/prem-ki-jyoti-furkan-s-khans-heartwarming-poem
Date
10 September 2026
Qita — By Furkan S Khan
प्रेम है वो अग्नि जो जलाती है, हर हृदय में एक आस जगाती है। मिटा दे सब भेद, मिला दे सबको, यह तो बस एक ही राह दिखाती है।
Qita — By Furkan S Khan
दिल से दिल का रिश्ता है ये, रूह को रूह से बांधता है ये। ना कोई जात, ना कोई मजहब, बस इन्सानियत का रंग भरता है ये।
Qita — By Furkan S Khan
इश्क़ वो रंग है जो हर सूत चढ़ जाए, जो भी देखे, उसमें ही घुल जाए। ना कोई सीमा, ना कोई दीवार, बस दिलों को एक दूजे से मिल जाए।

अग्नि: आग, लौ (Fire, flame) आस: उम्मीद, आशा (Hope) भेद: अंतर, फर्क (Difference)

रूह: आत्मा (Soul) मजहब: धर्म (Religion) इन्सानियत: मानवता (Humanity)

इश्क़: प्रेम, मोहब्बत (Love) सूत: धागा, यहाँ अर्थ है 'हर जगह' या 'हर कण में' (Thread, here means 'everywhere' or 'in every particle') घुल जाए: मिल जाए, समा जाए (Melt into, merge)

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Zainab
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